Month: November 2017

DENOUNCING WORLDLY MINDSET AMIDST CHAOS

  Never blindly accept and adapt yourself to the ways of the world. It may give you the bare minimum necessities , a right which is also your birth right and is already given to you by nature; but it will completely alter your mind. It will make you impotent and incapable of making any … Continue reading DENOUNCING WORLDLY MINDSET AMIDST CHAOS

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जीवन का सुख

जीवन में जहां सत्य है वहां संतोष है। सत्य की शक्ति असीम है। वह आपको संतोष रूपी धन देती है। जहां संतोष है वहीं मन की शांति है। जहां मन की शांति है वहीं शाश्वत सुख है। सत्य शाश्वत है, सत्य का संतोष शाश्वत है, और शाश्वत संतोष शाश्वत आनंद देता है। सुख और दुख … Continue reading जीवन का सुख

जीवन का सत्य

मानव जीवन की यात्रा अनंत पथ की यात्रा है। मानव जीवन की यात्रा धर्म यात्रा है। यात्राएं किसी के सहारे से या पुकारे जाने से पूरी नहीं होती है। धर्म यात्रा शिव संकल्प और ईश्वर में निक्ष्चयात्मिका बुद्धि से पूरी होती है। धर्म से ही धर्म यात्रा पूरी होती है। संसार धर्म का निर्वाह नहीं … Continue reading जीवन का सत्य