Month: March 2018

LIFE – ITS DIVINITY AND DIGNITY

  The all-pervading nature is the manifestation of the all-pervading life. Life outside is nature, life within you is nature as well. Life is all about the perception of divinity through fusion of all non uniformity and yet keeping up with the variety and diversity. Through union with the nature, both within and without, one … Continue reading LIFE – ITS DIVINITY AND DIGNITY

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जीवन की यात्रा (कविता)

  जीवन की यात्रा में, कुछ मार्ग अनदेखे, मोह लेते हैं मन को; जैसे सरल वायु की, हो सरगम सी ध्वनि, और सतरंगी उमंग, अनंत आकाश की, ओढ़नी खिली खिली; मनोरम मार्ग जीवन के, करो मेरे मनोरथ पूरे, हृदय के और मन के , मेरे स्वप्न जीवन के; जाना होगा अब आगे, स्मृतियां हैं सदा … Continue reading जीवन की यात्रा (कविता)

जीवन की चेतना (कविता)

  जब जगाती है जीवन की, टूट जाते हैं समय के पारावार , सदियां जी उठती है हरदम, नन्ही सी फूलों की कलियां; झूम उठती है घटा सावन की, और पक्षियां उड़ते मचलते, देव दूत अचल आकाश के; वह शीतल माता का आंचल, कि हो जैसे करुणा का पनघट; पहली सुनहरी किरण सर्य की, पड़ती … Continue reading जीवन की चेतना (कविता)

आत्मबल (कविता)

    सदा बहती रहे आप में जीवन शक्ति, तेज हो इतना नदियां है जैसे, आयुष्य इतना कि सदियां है जैसे, जीवन यूंही बढ़ता रहे धर्म पथ पर, गहरा हो इतना कि सागर है जैसे; आकाश खुद में समेटे हुए है, अग्नि को खुद पर लपेट हुए है, चट्टान जैसा धीरज है जिसमें, साहस सहज … Continue reading आत्मबल (कविता)

मेरी दिव्यता (कविता)

ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ पूर्ण मेरी आत्मा है, अनंत मेरी कल्पनाएं, दिव्य है स्वरूप मेरा, उज्ज्वल दसों दिशाएं, काल का भी काल हूं मै, जीवन की ढाल हूं मै, सत्य का मै हूं पुजारी, दिव्यता अपार हूं मै, पूर्णता का भान … Continue reading मेरी दिव्यता (कविता)