Month: December 2018

कुंडलिनी (कविता)

  कुंडलिनी हे योग शक्ति , जगत माता शिव भक्ति, जगदम्बा जननी जगत की, सदाशिव योगेश्वर अनंता, अम्बिका ज्ञानधारा जीवन की; कुंडलिनी हे अपार शक्ति, संतोषप्रिया अपूर्व समृद्धि, ज्ञानज्योति ज्ञानचक्षु की, धर्मबुद्धि योगपूर्ण समता, शक्ति हर्षित शांत मन की; कुंडलिनी हे आत्मशक्ति, प्रकाशपुंज अदम्य विरक्ति, प्रबल शक्ति पवित्र मन की, कांति नारायणी आनंदी, अमर शोभा … Continue reading कुंडलिनी (कविता)

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